त्वचा का ख्याल: कैसे रखें बदलते मौसम में

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त्वचा का ख्याल

त्वचा का ख्याल:- हमारा शरीर इस वातावरण के साथ तरह-तरह के लें-दें 24 घंटा करता ही रहता है, इसलिए वातावरण में जो भी बदलाव आता है, हमें और हमारी त्वचा को भी प्रभावित करता है । झूलसती गर्मी के साथ बरसात का मौसम काफी सुकून भरा होता है, लेकिन इस मौसम की अपनी समस्याएं हैं बरसात की विशेषता है। वातावरण में नमी, मौसम के अनुसार त्वचा की देखभाल करने का तरीका और उसकी जरुरतें बदलती रहती हैं।

नमी के कारण त्वचा की बिमारियां इस मौसम में आम बात है। नमी और प्रदूषण स्किन को कई तरह से नुकसान पहुंचाती हैं। इस मौसम में त्वचा कभी नम हो जाती है, तो कभी ड्राई हो जाती है। ऑयली स्किन के लिए इस मौसम में समस्याएं और बढ़ जाती है। तापमान में नमी का स्तर उच्च रहता है, इसलिए रोगाणु पनपते हैं। बारिश का पानी जगह जगह जम जाता है, इससे पीने का पानी भी दूषित हो जाता है।  इस मौसम में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो जाती है। यही वजह है कि इस मौसम में लोग ज्यादा बीमार होते हैं।

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त्वचा का ख्याल
त्वचा का ख्याल: कैसे रखें बदलते मौसम में

त्वचा का ख्याल कैसे रखें:-

त्वचा का ख्याल हम खुद से रख सकते हैं जानिए कैसे और कब – कब रखना पड़ेगा त्वचा का ख्याल

  • फंगल इंनफेक्शन 
  • नमी से परेशानी
  • सनस्क्रीन लगाना न भूलेंं 
  • ऑयली लोशन का इश्तेमाल करें
  • पैरों का भी खयाल रखें
  • घरेलू नुस्खे आजमाइए 
  • ड्राई स्कीन के लिए 
  • ऑयली स्किन के लिए
  • ऑयली और मिक्स त्वचा के लिए

फंगल इन्फेक्शन

डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार मानसून में त्वचा की बिमारियों में सबसे ज्यादा फंगल इन्फेक्शन की समस्याएं हमारे आती है। फंगल इनफेक्शन के कारण त्वचा पर लाल, चकते पड़ जाते हैं, इसमें काफी खुजली और जलन होती है। यह शरीर के विभीन्न हिस्सों में हो सकता है, लेकिन अंडरआर्म्स, अंडरथाईज में इनके होने की संभावना ज्यादा हाती है। त्वचा का ख्याल रखें और फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए यह आर्टिकल पढ़े

फंगल इन्फेक्शन
त्वचा का ख्याल: कैसे रखें फंगल इन्फेक्शन से

नमी से परेशानी

मौसम में नमी डिहाइड्रेशन का कारण बनती है। कभी पसीना आता है, तो कभी ड्राइनेस महसूस होता है. डॉक्टर्स बताते हैं कि चेहरे में जब नमी लगे तो उसे टिश्यू से पोंछ लें और अगर चेहरे पर ड्राईनेस महसूस हो तो मॉइश्चराइजर लगा लें। पसीना ज्यादा आ रहा हो तो चेहरे को धोकर आइस क्यूब्स रगड़े इससे ताजगी महसूस होगी। चेहरे की सफाई के लिए किसी सोप फ्री क्लींजर का इस्तेमाल करें। इस मौसम में धूल मिटी पॉल्यूशन का ज्यादा असर होता है, इसलिए त्वचा की टोनर से क्लीन करना भी बहुत जरूरी है। अगर आपकी स्कीन ऑयली है तो आप एक माइल्ड क्लींजर का इश्तेमाल करें, जो आपके चेहरे के डेडसेल को हटाएगा. साथ ही चेहरे की सफाई के लिए प्योर ओटमील स्क्रब का भी इश्तेमाल करें। त्वचा विशेषज्ञ डॉ. मिताली कहती हैं कि इससे आपको काफी फायदा मिलेगा और थोड़ी सी देखभाल से आप इस मौसम में होने वाली तमाम परेशानियों से बच सकते हैं।

सनस्क्रीन लगाना न भूलेंं 

इस मौसम में कभी धूप निकलता है तो कभी सूरज बादलों में छूप जाता है। ऐसे में लोग समझते हैं कि धूप नहीं है तो फिर सनस्क्रीन लगाने की क्या जरूरत है, लेकिन ऐसा नहीं है इस अनदेखी से आपकी त्वचा को मौसम का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। भले ही इस मौसम में सूरज बादलों छिप जाए लेकिन अल्ट्रा वॉयलेट रेज सक्रिय रहता है। बादलों से भी अल्ट्रावॉयलेट रेज पास होती हैं। ये किरणें आपकी नाजुक त्वचा को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए इस मौसम में सनस्क्रीन लगाना बहुत जरूरी है।

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सनस्क्रीन
त्वचा का ख्याल: कैसे रखें बदलते मौसम में सनस्क्रीन लगाना न भूलेंं 

ऑयली लोशन का इश्तेमाल करें

कुछ लोगों का मानना है कि इस मौसम में स्कीन चिचिपाहट सी रहती है, इसलिए  मॉइश्चराइजर्स लगाने की कोई जरूरत नहीं लेकिन ऐसा नहीं है। इस मौसम में आपकी त्वचा को उचित पोषण की जरूरत होती है। इस मौसम में लाठट मॉस्चुराइजर लगाए ताकि आपकी त्वचा को उचित पोषण भी मिलता रहें और चिपचिपाहट भी ना हो। स्किन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस मौसम में लाइट लोशन बेस्ड मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें, जिससे त्वचा को ब्राइटनेस के साथ ही हाइड्रेशन भी मिल सके । साथ ही इस मौसम में हैवी मेकअप से बचें। चाहें तो वाटरप्रुफ मेकअप का इश्तेमाल करें।  

पैरों का भी खयाल रखें

डॉक्टर अनुपमा कहती हैं कि पैरों को इस मौसम में इग्नोर ना करें, पानी में ज्यादा रहने के कारण हमारे पैरों की त्वचा को काफी नुकसान पहुंचता है। अपने पैरों अच्छी तरह साफ करें फिर उन्हें सुखे तौलिए से अच्छे से सुखाए। इससे पैर में की त्वचा में इनफेक्शन नहीं होगा। इन दिनों आप शरीर के विभीन्न हिस्सों पर एंटी फंगल पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। पैरों में ऑयल, लैवेंडर ऑयल भी लगा सकते हैं। 

त्वचा विशेषज्ञ डॉ अर्चना कहती हैं इस मौसम में खानपान में भी आवश्यक तब्दीली करना जरुरी है। रोजाना आठ से दस ग्लास पानी पिए। हो सके तो उबला हुआ पानी पीएं। खाने में रोजाना सलाद शामिल करें।

पैरों का भी खयाल रखें
त्वचा का ख्याल: कैसे रखें बदलते मौसम में पैरों का भी खयाल रखें

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घरेलू नुस्खे आजमाइए 

इस मौसम में अलग अलग स्कीन टाइप के लोगों की जरूरतें अलग अलग होती है। जिनकी ड्राई स्कीन होती है, उनके त्वचा के पोर्स बहुत ही छोटे होते हैं। साथ ही उनकी त्वचा को मॉस्चर की जरुरत होती हैं और जिनकी त्वचा ऑयली होती है उनमें पिंपल्स और ब्लैक हेड की समस्या बढ़ जाती है। इसीलिए इस मौसम में त्वचा को रोजाना क्लिंजींग की जरुरत होती है. घर पर तैयार किए गए कुछ लेप और फेस पैक से आप साफ, बेदाग और निखरी त्वचा पा सकते हैं।

ड्राई स्कीन के लिए 

त्वचा का ख्याल, बादाम और शहद का पेस्ट 5 से 7 मीनट तक चेहरे पर लगाए। इसके बाद चेहरे को धो लें और साफ तौलिए से सुखाए। इसके अलावा एक चम्मच दही और एक चम्मच जोजोबा आयल को मिक्स कर के अपने चेहरे और गले पर लगाए। दस मीनट बाद पानी से धो ले। एक चम्मच दूध में पांच ड्रॉप कैमोमाइल तेल डालें और त्वचा को मसाज करें।

सनस्क्रीन लगाना न भूलेंं
त्वचा का ख्याल: कैसे रखें बदलते मौसम में सनस्क्रीन लगाना न भूलेंं 

ऑयली स्किन के लिए

त्वचा का ख्याल, पके हुए पपीते को मैस करके भी चेहरे पर लगा सकते हैं। घरेलू स्क्रब के तौर पर चावल के आटे में गुलाबजल मिलाकर लगाए। चंदन पाउडर, मुलतानी मिटी, गुलाबजल, नींबु का रस मिलाकर चेहरे पर लगाए और 8 से 10 मिनट बाद पानी से धो दे।

ऑयली स्किन के लिए
त्वचा का ख्याल: कैसे रखें बदलते मौसम मेंऑयली स्किन के लिए

ऑयली और मिक्स त्वचा के लिए

दो चम्मच गुलाबजल में दो ड्रॉप स्ट्रॉबेरी आयल और आरेंज आयल मिलाए , त्वचा का ख्याल ⚡ त्वचा पर लगाए और दस मीनट बाद धो लें। इस मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे इस मौसम में ज्यादा बिमारियां फैलती है, लेकिन कुछ सावधानियों से आप अपनी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। अपने आसपास पानी न ठहरने दें, मच्छरों को दूर रखें और अपनी त्वचा की सुरक्षा करें। शुद्ध पानी पिए इसके लिए पानी को उबालें, छानें या फिर अल्ट्रावॉयलेट या रिवर्स आॅस्मोसिस फिल्टर से साफ करें। इश्तेमाल करने वाले पानी को हमेशा ढंक कर रखें। कूलर को नियमित रूप से साफ करें। पानी जमा करने और इस्तेमाल में आने वाले ड्रम, टंकी आदि को हमेशा ढंककर रखें। मच्छरों के दंश से बचने के लिए मच्छररोधी मलहम या फिर मच्छरदानी का प्रयोग करें।  

– स्किन को साफ एंटीबैक्टेरीयल सोप या फेसवास से साफ करें। धोने के बाद टावल से पोंछ कर सुखाएं।

– परयूम्ड सोप को अवॉइड करें और इसकी बजाय क्लींजर का इश्तेमाल करें। 

– दिन में दो बार शावर लें, एंटी फंगल पाउडर इस्तेमाल करें।

– हैवी क्रीम्स की बजाय लाइट मॉस्चुराइजर का इश्तेमाल करें।

– साफ और धूप में ठीक से सुखे हुए या प्रेस किए हुए कपडे पहने से कपड़े में के कीटाणु मर जाते हैं। 

– कपड़ों को लास्ट बार धोते समय डीटॉल के पानी में डालकर भी धो सकते हैं।  

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