डेल्टा प्लस वायरस कितना है खतरनाक, जानिए इसके बारे में सबकुछ




भारतीय डॉक्टर्स और वैज्ञानिक कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट के म्यूटेशन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। डेल्टा प्लस वैरिएंट पर वैक्सीन का कितना प्रभावी है, यह देखने के लिए लैब टेस्टिंग चल रही है। जानकारों का कहना है कि डेल्टा प्लस वायरस डेल्टा की तरह खतरनाक नहीं होगा।

क्या है डेल्टा प्लस ?


दूसरे लहर के लिए जिम्मेदार डेल्टा प्लस वैरिएंट बी। 1। 617। 2 है, यह पहली बार भारत में पहचाना गया था। यह वैरिएंट एवाई। 1 और एवाई। 2 से म्यूटेट हुआ। इग्लैंड पब्लिक हेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक जून में डेल्टा वायरस के 63 जीनोम्स जीआईएस एड्स पर अंकित किए गए थे, जिनमें के417एन भी शामिल है, ये जीनोम्स कनाडा, जर्मनी और रूस में मिले, जिनमें से 63 भारत में, 9 पोलैंड में, 2 नेपाल में, 4 स्वीटजरलैंड में, 12 पुर्तगाल में, 13 जापान में और 14 अमेरिका में मिले।

डेल्टा प्लस वैरिएंट ऑफ कन्सर्न क्यों ?


वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके जिनोम्स की खोजबीन जरूरी है, अभी डेल्टा प्लस का भारत में प्रसार काफी कम है। चिंता का विषय ये है कि कुछ म्यूटेशन तेजी से फैल रहे हैं और पहले से ज्यादा खतरनाक हैं। अभी अध्ययन चल रहे हैं, लेकिन अभी यह नहीं कह सकते हैं कि जीनोमिक डेटा या प्रयोगशाला अध्ययनों के आधार पर डेल्टा प्लस संस्करण के प्रसारण में वृद्धि हुई है। जानकारों का कहना है कि डेल्टा प्लस, डेल्टा की तुलना में तेजी से नहीं फैल रहा है। डेल्टा प्लस के मामले 12 राज्यों में पाए गए हैं।

कोरोना वायरस प्रतीकात्मक फ़ोटो
कोरोना वायरस प्रतीकात्मक फ़ोटो

टीकाकरण कितना प्रभावी होगा  ?


प्रमुख वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर शाहिद जमील ने कहा कि अब तक भारत ने कम से कम 24% आबादी को एक खुराक दी जा चुकी है । साथ ही, टीकाकरण की दर पिछले सप्ताह की तुलना में औसतन 30 लाख से दोगुनी होकर प्रतिदिन 60 लाख से अधिक हो गई है। अस्पताल में भर्ती होने से बचाने में कोविशील्ड की एक खुराक भी 70% से अधिक प्रभावी है। लेकिन जहां तक डेल्टा प्लस का सवाल है, फिलहाल ज्यादा जानकारी स्पष्ट नहीं है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here