कोरोना वायरस से पस्त अमेरिका, लोग कारों और सड़कों पे रहने को मजबूर

दुनिया भर में कोरोना वायरस से प्रभावी सबसे ज्यादा अमेरिका रहा। कुल संक्रमित लोगों में 30% अमेरिका में और के संक्रमण से मारे गए लोगों का 17% मामले अमेरिका से हैं। यह कहा का सकता है के अमेरिका ने इस वैश्विक महामारी के लिए जरूरी कदम बहुत देर से उठाए।

अगर अमेरिका ने जिस तरह से  लोकडाउन और अन्य कदम उठाने में डर किया, परिणामस्वरूप न्यूयार्क राज्य में स्थिति अभी अनियंत्रित हो चुकी है।

फिलहाल अमेरिका ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, परिणामस्वरूप, अमेरिका ने लगभग 50 राज्यो में आपदा अधिसूचना सूचित कि है।
इन 50 राज्यों में सख्त lock-down का आदेश जारी किया गया है, लोगों को घरों में रहने को कहा गया है, जिस वजह से हजारों लोग सामाजिक संगठनों और सरकारी संगठनों द्वारा उपलब्ध कराए गए भोजन और खाद्य सामग्री पर निर्भर हो गए हैं।
हाल ही में अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के टेक्सास शहर के सैन एंटोनियो में पिछले गुरुवार को खाद्य सामग्री वितरण किए गए, जिसमें सैकड़ों परिवार घंटों तक अपनी कारों में बैठकर लाइन में लगे रहे।

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अमेरिका में फूड बैंक के अध्यक्ष और सीईओ एरिक कूपर के अनुसार, यह सप्ताह हमारा दूसरा बड़ा वितरण कार्यक्रम है, परंतु ऐसे सैकड़ों कार्यक्रम पूरे अमेरिका में चल रहे हैं, जहां पर लोगों को हर संभव सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
इस दौरान देखा गया कि हजारों गाड़ियां और कारे लाइन में लगी रही।

न्यूयार्क रहा सबसे प्रभावित

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कोरोना वायरस: न्यूयॉर्क मे सड़कों पे लोग

अमेरिका का न्यूयॉर्क राज्य इस महामारी covid-19 से सबसे ज्यादा में प्रभावित रहा है।
गवर्नर एंड्रयू कुओमो का कहना है कि ऐसा लग रहा है जैसे कोविड-19 शहर में अपने चरम पर पहुंच गया है, और फिलहाल इसे संभाल पाना बहुत मुश्किल होने वाला है।

अर्थव्यवस्था पर पर बुरा असर

इस कोविड-19 महामारी से विश्व में आर्थिक मंदी जैसे हालात पैदा होने की आशंका है, कई देशों की अर्थव्यवस्था ठप पड़ी है,  जिसकी वजह से आने वाले समय में भी बुरे प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
खासतौर से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर इसका बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ा है पिछले तीन हफ्तों में 1.60 करोड़ लोग बेरोजगार हो चुके हैं, ताजा आंकड़ों के अनुसार $2000 का पैकेज भी मदद नहीं कर पा रहा।

अंतिम जानकारी मिलने तक अमेरिका में कुल मामलों की संख्या 4:70 लाख से अधिक हो चुकी है और लगभग 17000 के आसपास की संख्या में लोग जान गवा चुके हैं।
आए दिन इस संख्या में बढ़ोतरी जारी है, उम्मीद करते हैं विश्व इस कठिन संकट कि घड़ी से बाहर निकले।
इसके लिए व्यक्तिगत सहयोग बहुत आवश्यक है,
भारत ने जिस तरह से अपनी स्थति को संभाला, वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गनाइज (WHO) ने भारत के उठाए गए कदमों की सराहना की है।


लेकिन व्यक्तिगत तौर पे सहयोग बहुत ही आवश्यक है हमें इस लाकडाउन का पालन करना होगा, खुद की सफाई और अन्य लोगों को जागरूक बनाना होगा तभी हैं इस महामारी कि स्थिति से बाहर निकाल पाएंगे।

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