15 साल की एलीशा ने शुरू किया फूड स्टार्टअप, दीपिका भी हैं उनके बनाए केक की दीवानी

एलीशा पारिख ने सात साल की उम्र में खाना बनाना शुरू कर दिया था। अब वह 15 साल की हैं और अब वह एलीथबेकर के रूप में जानी जाती हैं। उसकी एक इंस्टाग्राम पेज है और खुद की एक वेबसाइट भी। वह दो बार उद्यमी रह चुकी है। एली ने धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में एक सहपाठी के साथ मिलकर केकीफाई को लॉन्च किया, जो कि एक स्टार्टअप है और केक किट बेचता है। एलीशा खुद सब कुछ संभालती है। वह इस बारे में हमेशा स्पष्ट रहती हैं कि वह क्या कर रही है और क्या करना चाहती है। कोई झिझक या संदेह नहीं रखतीं। बेकिंग में उनका परिवार माता-पिता और दादा-दादी की रूची थी, उनके पिता का एक फूड ब्लॉग भी है।

किताब से मिली प्रेरणा

बच्चों के लिए कुकबुक स्टार्ट टू कुक से प्रेरित होकर एलीशा ने सात साल की उम्र में कुकीज बेक किया। पहली बार में ही उन्होंने अच्छा बेक किया। पहली बार में उनकी मां ने उन्हें मदद की और बाद में वह यह काम करने में सक्षम हो गईं। एलीशा जल्द ही अन्य चीजों को बेक करना सिख गई। 2017 में दोस्तों और परिवार से मिली प्रतिक्रिया से प्रोत्साहित होकर उसने अपना खुद का एक इंस्टाग्राम पेज @elithebaker नाम से बनाया और पूरा उद्यम वाणिज्यिक हो गया। उसे जल्द ही अपने पेज पर मुंबई से ऑर्डर मिलने लगे।

वो कहती हैं कि शुरू में मेरा मन कोई ऑर्डर लेने का नहीं था। शुरुआत में यह तनावपूर्ण था, लेकिन वर्षों में मैंने प्रबंधन सिख लिया।

शुरुवात नही था आसान

एलीशा पारिख
एलीशा पारिख

एलीशा कहती हैं कि शुरू में उन्हें काफी दबाव और तनाव का सामना करना पड़ा। मुझे एक दिन में चार से पांच ऑर्डर मिल सकते हैं। इसलिए मैं परीक्षा के दौरान कोई आदेश नहीं लेती। उसे इंस्टाग्राम के बाहर पहला ऑर्डर उसके पड़ोसी से ब्लैक फॉरेस्ट केक के लिए मिला। एलीशा कहती है कि तब से वह हर साल उसी पड़ोसी के लिए ब्लैक फॉरेस्ट केक बना रही है। वह अब चीज़केक और फ्रेंच पेस्ट्री सहित क्लासिक डेसर्ट भी बनाती है।
वह कहती हैं कि वह केवल प्रीमियम सामग्री का उपयोग करती हैं, जिसमें बेल्जियम के कोको और चॉकलेट शामिल हैं और एक केक के लिए 2,000 रुपये से ऊपर कुछ भी चार्ज करती हैं। उसकी कुकीज की कीमत 125 रुपये से 150 रुपये के बीच है।

कई हस्तियां उनके ग्राहक हैं। दीपिका पादुकोण ने इंस्टाग्राम पर उनका जिक्र किया, लेकिन एलीशा एक सेलिब्रिटी क्लाइंट को सीक्रेट रखना पसंद करती हैं। दिलचस्प बात यह है कि एलीशा अपनी बिक्री से होने वाली आय को दान भी करती हैं। वह इसके पीछे की कहानी बताती हैं कि जब मैं एक बच्ची थी, मुझे हमेशा ऐसे लोगों की मदद करने का शौक रहा है, जिनके पास मेरे जैसे अवसर नहीं हैं। बचपन में मैं पेटा को सपोर्ट करती थी। अब महामारी के दौरान मैं नियमित रूप से केक की बिक्री करती हूं और पैसे का उपयोग अस्पतालों के लिए मास्क और आवश्यक सामान खरीदने के लिए करती हूं। राजस्व का कुछ हिस्सा वंचित परिवारों की मदद करने के लिए जाता है।

हाल ही में मुंबई के केईएम अस्पताल के लिए 150 कपकेक बेक किया। मैं जहां भी कर सकती हूं, वहां पिच करने की कोशिश करती हूं। एलीशा के मुताबिक महामारी के दौरान दो कारणों से कारोबार बढ़ा है। बहुत सारे लोग अब घर पर हैं और चूंकि स्कूली शिक्षा अब ऑनलाइन हो गई है, इसलिए क्रियेटिव करने का मौका मिला है। छोटे लंचबॉक्स केक एक नया चलन है। मुझे कई पूछताछ और ऑर्डर मिले हैं।

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